‘अर्णव’ का प्रभाव: 30 तारीख तक NH-16 पर यातायात रहा बाधित, टोल गेट पर कम हुई थी गाड़ियों की भीड़: अब बढ़ रहा है जाम
भुवनेश्वर, 1 नवंबर (संवाद ओडिशा): चक्रवात ‘अर्णव
‘ के प्रभाव के कारण कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (NH-16) पर सड़क यातायात 30 अक्टूबर तक काफी हद तक प्रभावित रहा। खराब मौसम और एहतियाती कदमों के कारण इस अवधि के दौरान लंबी दूरी के वाहनों और बसों की आवाजाही में भारी कमी देखने को मिली थी।चक्रवात ‘अर्णव’ ने गत 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल (स्थल से टकराना) किया था। हालांकि इसके बाद यह कमजोर पड़ गया था, लेकिन इसका परोक्ष प्रभाव दक्षिण ओडिशा सहित तटीय जिलों में काफी महसूस किया गया। इस दौरान रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं, विभिन्न क्षेत्रों के बीच बस कनेक्टिविटी पर प्रतिबंध और चेतावनी जारी की गई, तथा जलभराव व उखड़ कर गिरे पेड़ों के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले मुख्य NH-16 पर सफर करने वाले वाहन मालिकों और बस ऑपरेटरों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक यात्रियों और वाहनों की संख्या में भारी गिरावट आई थी।इसका सबसे बड़ा असर खोरधा जिले के जंकिया थाना अंतर्गत गोड़ीपड़ा टोल प्लाजा पर देखने को मिला था। 30 अक्टूबर तक इस टोल गेट पर आमतौर पर दिखने वाली वाहनों की भारी भीड़ देखने को नहीं मिली थी। इस दौरान केवल कुछ स्थानीय वाहन ही आते-जाते दिखे और पूरा टोल परिसर एक तरह से सुनसान लग रहा था।हालांकि, 31 तारीख से मौसम में सुधार होने के बाद अब एक बार फिर वाहन टोल से गुजरते हुए देखे जा रहे हैं। लेकिन कई स्वचालित (ऑटोमैटिक) गेट ठीक से काम न करने के कारण वाहनों को टोल पार करने में देरी हो रही है, जिससे चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और ट्रै


